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Bihar's First Republic Earth - History and Culture

बिहार प्रथम गणराज्य की धरती.
 
इतिहास और संस्कृति
 
  •  बिहार में प्रागैतिहासिक शिलापट्ट चित्र के अवशेष कैमूर, नवादा तथा जमुई से प्राप्त हुए हैं।
  •  पुरापाषाण काल के अवशेष मुंगेर एवं नालन्दा जिला, नवपाषाण काल एवं ताम्रपाषाण काल के अवशेष चिरान्द (सारण) और चेचर (वैशाली) से प्राप्त हुए हैं।
  •  चिरान्द (सारण) से नवपाषाण कालीन बसावट के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।
  •  हर्यक वंश के शासक उदायिन ने मगध साम्राज्य की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानान्तरित की।
  • सेल्यूकस के राजदूत के रूप् में चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आए मेगस्थनीज की पुस्तक इण्डिका में पाटलिपुत्र के प्रशासन के बारे में जानकारी दी गई है।
  • बौद्ध एवं जैन दोनों धर्मों का उद्गम स्थल बिहार है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय बौद्ध संगीतियाँ क्रमशः राजगृह, वैशाली, पाटलिपुत्र तथा प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में हुई थी।
  • समुद्रगुप्त स्वयं को लिच्छिवी-दौहित्र कहता था। वैशाली से गुप्तकालीन सिक्के प्राप्त हुए हैं।
  • कुमारपाल प्रथम ने नालन्दा महाविहार की स्थापना 454 ई. में की, जो बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केन्द्र था। तुर्की आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने इसे नष्ट कर दिया।
  • इल्तुतमिश ने बिहार में अपना पहला सूबेदार मलिक जानी को नियुक्त किया।
  • शेरशाह का मकबरा सासाराम (रोहतास) में निर्मित है। उसने 1539 ई. में हूमायूँ को चौसा के युद्ध में तथा 1540 ई. में बिलग्राम (कन्नौज) के युद्ध में पराजित किया तथा दिल्ली में दूसरे अफगान शासन की स्थापना की।
  • सिखों के अन्तिम गुरु श्री गोविन्द सिंह का जन्म 22 दिसम्बर, 1666 को पटना सिटी में हुआ।
  • जगदीशपुर के जमींदार वीर कुँवर सिंह ने 1857 की क्रान्ति के दौरान दानापुर के विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व किया था। उनकी मृत्यु 26 अप्रैल, 1858 को हुई।
  • 12 दिसम्बर, 1911 की संयुक्त बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग किया गया। वर्ष 1936 में बिहार पृथक राज्या बना।
  • भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का वर्ष 1922 का अधिवेशन गया में हुआ था।
  • मुरली भरहवा गाँव के निवासी राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर चम्पारण आए महात्मा गाँधी ने अप्रैल, 1917 में यहाँ अपने पहले सत्याग्रह का सफल प्रयोग किया।
  • बिहार स्वराज दल का गठन फरवरी, 1923 में किया गया। नारायण प्रसाद इसके अध्यक्ष बनाए गए थै।
  • 18 दिसंबर, 1928 को साइमन कमीशन बिहार पहुँचा। साइमन कमीशन के विरोध का नेतृत्व बिहार में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने किया।
  • बिहार में नमक सत्याग्रह 15 अप्रैल, 1930 को आरम्भ किया गया। नरवास पिण्ड (पटना) में नमक सत्याग्रह अधिक व्यापक था। स्वदेशी वस्त्रों की माँग को लेकर छपरा जेल (सारण) में कैदियों ने नंगी हड़ताल की।
  • स्विनय अवज्ञा आन्दोलन (1930-31) के दौरान बिहार में मैजिक लालटेन की सहायता से गाँवों में लोगों को जागरूक किया गया।
  • वर्ष 1931 में बिहार सोशलिस्ट पार्टी का गठन फूलन प्रसाद वर्मा द्वारा पटना में किया गया। बाद में जयप्रकाश नारायण ने इसे नेतृत्व प्रदान किया।
  • 15 फरवरी, 1932 को तारापुरा (मुंगेर) में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान गोलीकाण्ड में 60 लोग शहीद हुए।
  • ’भारत छोड़ो आन्दोलन’ के दौरान मार्च, 1943 में ’आजाद दस्ता’ का गठन बिहार में किया गया।
  • 11 अगस्त, 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के दौरान सात विद्यार्थी शहीद हुए।
  • ’भारत छोड़ो आन्दोलन’ के दौरान बिहार में बलदेव सहाय ने ’महाधिवक्ता’ के पद से त्याग-पत्र दिया।
  • बिहार में ’पटना कलम’ तथा ’मधुबनी पेण्टिंग’ चित्रकला की प्रसिद्ध कला-पद्धतियाँ हैं। पटना कलम का विकास मुगल चित्रकला शैली में हुआ है।
  • मधुमनी पेण्टिंग को ’मिथिला पेण्टिंग’ भी कहा जाता है। इसमें विभिन्न पौराणिक छवियों का अंकन किया जाता है।
  • जानिए भारत के प्रमुख मेलों के बारे में
  • कुम्भ मेला
  • हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन तथा नासिक में प्रत्येक बारहवें वर्ष पर कुम्भ मेले का आयोजन होता है। हरिद्वार तथा प्रयाग में दो कुम्भों के बीच छह वर्षों का अन्तराल होता है। यह मेला मकर संक्रान्ति से महाशिवरात्रि तक चलता है।

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